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15 अगस्त 1947 को आज़ाद हुआ हमारा देश भारत, क्षमा चाहता हूँ आज़ाद नहीं गुलामी का तरीका बदला -
आज़दी आई या नहीं इसके लिए सभी के अपने अपने मत हो सकते हैं परन्तु आप अपने हृदय पर हाथ रख ये नहीं कह सकते की वास्तविक रूप से शहीदों के स्वप्न का भारत बना | 
एक तरफ जहां अंग्रेजो ने लूट निति बनाई उसी लूट निति के आधार पर  भारत निरंतर 70 वर्षो से चला आ रहा है | हमारे देश का युवा ये तय नहीं कर पा रहा है कि सत्य क्या है वो राजनितिक चाल बाजियों में इस तरह फंसता जा रहा है की उसकी आँखों पर काली पट्टी बंध गयी है और राष्ट्र के एहम मुद्दों पर खुद को अनजान रखे हुए है |  

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