कृषि प्रधान देश होने के कारण भारत में हर बो त्यौहार जो प्रत्येक गाँव में प्राचीन समय से मनाया जाता है वो किसान कौम के द्वारा ही प्रारम्भ किया गया है । यह बात अलग है की भारत में जब से किसान कौम की वैचारिक व् समाजिक ताकत कमजोर हुई है तब से इन सब त्योहारों के पीछे मनगड़ंत कहनियाँ भारत में पाखंडियों ने अपनी कमाई के अनुसार बना ली उसमे चाहे दीपावली होली जैसे बड़े त्यौहार भी शामिल हैं इसी क्रम में हरियाली तीज का त्यौहार जो सावन महीने की सौन्द्रियता व् किसानो के खाली समय से जुड़ा था उस पर पाखंडियों ने तमाम गप्प से भरी कथाएं समाज में प्रचलित कर दी इसमें अगर कोई कथा सत्य भी मान ली जाए तो यह हमे नही भूलना चाहिए की हरियाली तीज का त्यौहार उस कथा में वर्णित घटना से पूर्व भी मनाया जाता रहा है | आइये आज आपको हरियाली तीज का वैदिक व् कृषि आधारित महत्व बताते हैं................. प्राचीन काल से ही भारत मे महिलाओं द्वारा हरियाली तीज का पर्...
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